27 अप्रैल 2026 को देशव्यापी ज्ञापन सौंपने जैसी
मुहिम सुरु गौ हत्या पर पूर्ण प्रतिबंध लगे...
आदरणीय नरेंद्र दामोदरदास मोदी तथा प्रधानमंत्री "महान भारत" देश और श्रीमान अजय मोहन सिंह बिष्ट उर्फ आदित्यनाथ योगी तथा मुख्यमंत्री उत्तर प्रदेश, आपसे महान भारत के तमाम जनहिताय प्रथम, थोडा अकलभक्त बनने की आग्रहतापूर्वक सलाह है जी,
हमारे "महान भारत" देश में 'हर हर, घर घर' से बार बार हिंदू मुस्लिम नफरत को मुमकीन बनाना छोड, पहले अपने शासित राज्य के बिफ कंपनीसे पार्टी फंड यानी चंदे का नुकसान "राष्ट्रहित" मे झेलते हुए बिफ कंपनीके माफिया राज को मिटाने की ओर अपना सत्ता गुरुर जरुर दिखाए, याद रहे हमारे "महान भारत" को मेंडक की दुनिया समजने की भूल ना करें, ये ओ समंदर है, जिसकी तुफानी लहरों मे कई गुरुर पातल गहराई में जरुर डुब गए हैं..!
तो घर वापसी में लगे बेचारे "बुजुर्ग भागवत जी का भी सन्मान रक्खे, RSS के मानस मंनचले पुत्र की तरह हमेशा बंदर कुद ना करे.. "अक्सर गिरने वाला 'रुपया' ही नहीं होता, कभी कभी इंसान का स्तर भी गिरा करता हैं..!!
सदियोंसे हिंदू मुस्लिम कर गंदी नफरती जबान से महान भारत देश की जनताको ना कोई कंट्रोल कर सकता है, ना कोई कोशिश हमेशा के लिये कामयाब होती है..! क्योंकी मेरे महान भारत देश में बुद्ध, शिव, फुले, शाहू और अंबेडकर जो सामाजिक, सांस्कृतिक और राजनीतिक गठन में सभी समानता, भाईचारा, स्वतंत्रता और न्याय के मूल्यों के समर्थक थे। उनके विचार और देश की परंपरा, संस्कृती और "संविधान" की सीमा इसे कतई स्वीकार ना करेगी और ना करती है.!
और यहाँ "वसुधैव कुटुंबकम्", जिसका इतिहास सेक्युलर, अहिंसा या यूँ कहे गांधी वादी जबान हमेशासे चली, चलती है और हमेशा चलती रहेगी,,,
"बहाव में मजबुती से खडे पेड कुछ वक्त के लिये मुड सकते हैं.! लेकीन याद रहे बहाव कुछ सिमित समय तक होता है..!!
मानते हैं हमारे "महान भारत" देश मे 'कुछ कमजोर' विचारोंके विचार से विचलित पट्टीबंध दुर गुमराह गए होंगे, लेकीन दौरे 'नशा' भी उसकी हद्द तक चढता, फिर उतरता भी हैं.!
इतिहास गवाह हैं इंसान की इन्सानियत को तानाशाह का कोई गुरुर, हर बुरी मंशा खतम नहीं कर सकती, ये उतनाही सच भी है!!!
दुनिया का सुपर पॉवर कहे जानेवाले अमेरिकाके राष्ट्रपती डोनाल्ड ट्रम्प के डिअर फ्रेंड, दोस्ती ऐसी की जो सिजफायर कहे तो सिजफायर, ओ कहे तेल ले तो ले, ना तो ना ले, हँ वही नहीं समजे ठीक है समजाता हुं, विपक्ष सरेंडर किसे और किस वजह से कह रहा..? हँ वही ठीक समजे,
अब आगे की कहानी इजराईल, वही जो लाल (भुरी) रंग के गाय को खाने का शोक रखता है वही, हालही में इजराईल के उसी भूमीपर वहाँ दो दीन का दौरा देशहित मे कूटनीतीक संबंध स्थापित कर, इजराईल के प्रधानमंत्री बेंजामिन नेत्यनहू और उनके पत्नी से रुबरू हो घरेलु फ्रेंडली रिश्ता बना, इतना ही नहीं तो उनके ही मंच पे साहस दिखाते हुए अत्यंत निडरतासे "महान भारत देश" का स्वपक्षभाव रखते हुए, इतिहासिक भूतो ना भविष्यती "महान भारत" यानी "मदर लँड" का डंका बजा..?
इजराईल यानी "फादर लँड" ये रिश्ता क्या कहलाता है..? ये नामकरण भी संपन्न कर 'अपने आदत के चलते अपनेही मंकी- बात' का विचार देश और दुनिया को संबोधित करते हुए रक्खा, जीसे देश और दुनिया ने देखा,
ये अगौरवांकित कार्य हमारे सनातनी, पठाण के बच्चे, शीघ्र पिछडे जाती के, झोलाधार फकीर, सन्यासी भिक्षु, हरहुनरी, कभी ना थकने वाले जोशीले, रंगीले, आम चुसकर खाने वाले, खुशमिजास ५६ इंच का सीनातांने आपना परिवार छोड गृहस्थी नहीं पर सब कुछ जान ने वाले और "विश्वगुरू" की ओर रफ्तारे कदम बडा रहे सबसे बडे "लोकशाही" प्रदान "महान भारत" देश के "लोकतांत्रिक चुनाव आयोग से ज्ञानेश्वरी अनुसरण कर सक्ती से संपुर्ण पारदर्शक SIR कर, क्लीन EVM से मन नहीं मतपरिवर्तन प्रक्रिया संपन्न कर तीन टर्म पूर्ण बहुमतसे चुनें हुए लोकप्रिय हमारे प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदीजी...
जो सिर्फ प्यारे मोहनजी के या नामांकित RSS के मानस मंनचले पुत्र..?
कलियुगी घोर ज्ञानीजी 'गौ सम्मान आह्वान अभियान' तेज हो गया है।
"गौ माता" को राष्ट्रीय घोषित कर दिया जाए, "गौ माता" को राष्ट्रमाता/राष्ट्रीय पशु घोषित करने की मांग को इसके तहत 27 अप्रैल 2026 को देश की 5400 तहसीलों में ज्ञापन सौंपा जाएगा।
इस मुहीम के जरिए गौ हत्या पर पूर्ण प्रतिबंध, गाय को "राष्ट्रमाता" का दर्जा देने और सनातनी संस्कृति की रक्षा करने की मांग की जा रही है।
अभियान के मुख्य बिंदु: गौ सम्मान दिवस: 27 अप्रैल 2026 को देश भर के गौ सेवक और सनातनी एकजुट होकर तहसील कार्यालयों में ज्ञापन सौंपेंगे।
जिसका व्यापक समर्थन: इस अभियान का नेतृत्व साधु-संत कर रहे हैं, और लोगों को जोड़ने के लिए 9015777723 नंबर जारी किया गया है।
इसका उद्देश्य: गाय की सुरक्षा, सम्मान और गौ हत्या पर पूर्ण रूप से रोक लगाना है।
जिसका सांस्कृतिक महत्त्व: सनातन धर्म में गाय को पूजा, सेवा और करुणा का प्रतीक माना जाता है।
इसका कानूनी पहलू: इलाहाबाद हाईकोर्ट ने भी वैदिक और सांस्कृतिक महत्त्व को देखते हुए गाय को राष्ट्रीय पशु घोषित करने का सुझाव आपको दिया था।
ऐसेमे आज देश के नागरिकोंके लिये बेहत्तर होगा, बल्की अब बहुत जरूरी भी हैं, तो व्हिप जारी कर सदन मे आपत्कालीन बैठक घोषीत कर बहुमत से जल्द से जल्द अती शीघ्रता पूर्वक "गौ माता" को राष्ट्रमाता/राष्ट्रीय पशु घोषित कर दिया जाए..
जैसे "महिला आरक्षण सशक्त बिल के लिये उत्सुकता दिखाई, अब वैसे ही आज "गौ माता" के लिये दिखाए..!
यहाँ विपक्ष में बैठे हिंदू सांसद भी इस बिल का विरोध नहीं कर सकते, क्योंकी गाय तो सबकी "गौ माता है, आगर विरोध करेंगे तो ओ देश के जनता से पूर्ण तरीके से "बटैंगे और वोट से भी कटेंगे", और हिंदु हैं या, हिंदू के आड कलमा पडे "मुस्लिम" हैं..? इस सवाल का जवाब भी देश को मिलेगा, जिससे झूठे नंगे भी होंगे..?
देश का हिंदु देख रहा है, आज तो बढिया मोका भी है और दस्तुर भी "लोहा गरम हैं, मोदी - योगी मारो हातोडा,
लेकीन सुनने में आया है आप हातोडा नहीं मारेंगे..? क्योंकी ये पता चल रहा हैं, आपको तो रात-दीन, सुबह श्याम सिर्फ और सिर्फ हिंदु- मुस्लिम कर हमारे "महान भारत देश की सरकार नहीं, अपनी "अखंड हिंदू राष्ट्र" की दुकान चलानी है,
अब तो आपने अपनी दुकान चलाने के लिये "गौ माता" का भी धर्म धुंढ निकाला, आप ने उसमें भी "मिथुन" धर्म, जो सिर्फ कटकर बिकने के लिये और देशी गाय पूजने के लिये सीखाया, अपने निकम्मे पण पे पर्दा "व्हा मोदीजी - योगीजी व्हा''
इतना किया लेकीन आज असल जमिनी हकीकत कुछ और ही बयांन करती हैं..?
खबरों से मिली जानकारी अनुसार आपने ये कुयुक्ती सिर्फ अपने पूंजी पती यानी बिफ एक्स्पोर्ट कंपनीयोंके माफियांको खुश करने के लिये किया..? जहाँ सच्चे गौ रक्षक से परे आपके कुछ पालतु गौ भक्षकोंको आपने गरीब किसानोंसे धन उगाई कर पलने के लिये इन्सानीयत के दुश्मन वैशीयोंको खुलेआम बेखोफ समाज में गुंडा गर्दी करने की छूट दे , कानून व्यवस्था की धज्जीयां उडा देश के प्रती आपनी आस्था की निश् क्रियता दिखाते हुए कभी ना भूलने वाला योगदान दिया है..?
जिसके आये दीन कई किस्से कसीदे, सबूत के साथ देश और दुनिया के कई मामलातोमे या यूँ कहे, गंभीर दुर्घटनाओं की सनसनी खेज वारदादतोंकी खबरे अक्सर मिडिया अखबारों से और सोशल मीडिया पे सुर्खीयाँ बटॉर रही हैं..!
हमारे "महान भारत" की भारतीय जनता, खासकर मुस्लिम, अब ये खेल समज गये हैं, लगता हैं इसीलिए देश की तमाम देशभक्त जनता और भारतीय मुसलमान जाग गया हैं, और लगातार पिछले कई वर्षसे केंद्र और राज्यस्तर देश के साधू संतो के खंदे से खंदा मिला, बार बार बिनतिवश आग्रह कर रहा हैं..!
माननीय मोदीजी और आदरणीय योगीजी, और सत्ता पक्ष के तमाम श्रीमान मंत्री, यजमान नेता और हर एक श्री व श्रीमती कार्यकर्ता से शीघ्र विवेचना है, कृपा करें।
आप देशभक्त जनता और भारतीय मुस्लिम, झाडू मारते मौलवी, कटमुल्ला, विशिष्ट समाज जो ज्यादा बच्चे पैदा करता है, जिनके कपडोंसे आप पहेचांनते हो—जी हां वही, जो गरीबी का सोंग धारणकर आपके द्वारा बाटे जानेवाले कंबल, अनाज स्वीकारणे के लिये आते हैं, और जिनके बाप दादाओने आंग्रेजोंसे लढ जानगवा कर देश आझाद होने के पहलेसे लेकर १९४७ मे महान भारत देश आझाद हुआ तब से २०१४ में मोदीजी हमारे "महान भारत" देश के प्रधानमंत्री बने तक के बाद भी अंजानेमें समज बैठे थे की देश दुश्मन आंग्रेजोसे १९४७ में असलीयत में आझाद हुआ हैं, ओ तो कुछ अंधभक्तोने छाती पीठ पीठ बताया देश १९४७ मे अग्रेजोंसे नहीं २०१४ में काँग्रेसियोंसे हुआ, अब तक बेचारे देश में अपने मर्जी से खुशी से अपना वतन ही अपनी कब्रगाह मान रह रहे हैं, ना जाने कितने अरमानोंसे सजाये घर जो आप चंद मिनिटो में बुलडोझर से तोडते हैं—हाँ वही।
सही समजा, आपकी उस दोहरे मापदंड वाली सोच का कुछ उखाड ना सकने वाले कमजोर अल्पसंख्याक, जिनकी तारीख है की ओ कभी जुलमी हुकूमत, अन्यायी तानाशाह—फिर ओ "नमरुद" बादशाह से लेकर "फिरऑन बादशाह" तक है और उसी वुसूल की राह चले अनेको तानाशाह, हिटलर जैसे जुलमी ब्रिटिश अंग्रेजी सरकारे आई गई—ओ सर कटा गये लेकीन उनके आगे ना झुकाये ना झुकायेंगे।
जिन्होने हमेशासे हिंदू, मुस्लिम, सीख, इसाई नहीं—इन्सानियत का, और हराम नहीं हलाल का, अन्याय नहीं न्याय का, बुराई नहीं अच्छाई का, झूठ का नहीं सच्चाई का साथ दिया, देते हैं, देते रहेंगे।
आयेगी जब बात "महान भारत" वतन की, तो सुरु मे कटे भी वही जिसकी मियाद पत्थर पे तराशी गई हैं.. और सबसे पहले कटेंगे भी वही, क्योंकी सर फरोशी की तमन्ना अब हमारे दिल मे है—देखना है जोर कितना बाजू ये कातिल मे है..
ओ आज भी भाजपा को भाजपा की मंशा का साथ नहीं देते, ओ भाजपा को अपना "वोट" भी नहीं देते और ना कतई देंगे, ताल ठोक के...!!
इंसान की औलाद हो..? क्या कभी सोचा है—"किसी का सजाया घर तोड तुम अपना घर सजा पाओगे..? क्या तुम्हे ये तुम जैसे नहीं दिखते..?"
आगर नहीं, तो आप इंसान नहीं..? बल्की उस से भी परे हैं।
आपको ये शोभनीय भी है—अभूतपूर्व, अकल्पनीय, एकल "हिंदुराष्ट्र" सोचवाली सत्ता, जो पिछले एक तप अधिकसे स्थापित थी और है।
याद दिलादुं—आप दुनिया के सबसे बडे भारत देश के प्रधानमंत्री हैं..? और आप देश के सबसे बडे कहे जानेवाले राज्य के मुख्यमंत्री है जो एकमेव कट्टरपंथ हिंदू विचार कमल चिन्हांकित "भाजप" के यानी स्वयंभू "मोदी सरकार" से लोकप्रिय अंधभक्तजनोंकें चहीते.?
आपने बार बार, हर बार दिखाया—हालही चुनावी भाषणोंमे भी आप ने दिखाया की आप दोनो सिर्फ प्रधानमंत्री और मुख्यमंत्री नहीं, बल्की जो आप खुदसे सुनना और बनना पसंद करते हैं।
जहाँ जिस दिशा के ओर आपके कदम आज भी बडी रफ्तार से बडते दीख रहे हैं, आपकी रक्खी मिडिया जिसे आज गोदी मीडिया के नाम से जाना जाता हैं—ओ बेचारे अपने मरी हुई अंतरात्मा से, अपने जमीर को कुचलते, अपने बीके इमान को पुरी शिद्दत ईमानदारी से आप को, आपके रंग चरित्र को देश और दुनिया को दिखा ही रही हैं..!
वही अगौरव उपाधी से आप सिर्फ स्वयंभू हिंदूप्रधानमंत्री और हिंदुमुख्यमंत्री हैं..!!
ऐसे ही रफ्तारे कदम लगे रहो—२०२९ में भी आप ही स्वयंभू अगले हिंदूप्रधानमंत्री और आप "हिंदुमुख्यमंत्री" बनेंगे, और भारतीय जनता बनाएगी विश्वमे एक नया दस्तुर—खुद "विश्वगुरु" और राजगुरु..?
महामानव-लोकनायक-लोकमंत्री-जनमंत्री- महात्मा बनने के लिए आप जैसी उँची सोच भी तो होनी चाहिए..,, जो RSS के बाशिंदो के अलावा कभी किसी की हो नहीं सकेगी,,,,
आगर आज आपकी अंतरात्मा जीवित हैं, आगर आप देश की उन्नती चाहते हैं, आप सच में देश के प्रती जवाबदेह हैं, आप एक सच्चे सनातनी हिंदू हैं, सच्चे हिंदु हितैशी हैं—तो क्या आपकी गौ माता पर सच्ची आस्था है..?
तो फिलहाल, आप आपके रफ्तरे साबित कदम, स्वयंभू ईच्छा उपाधी नुसार "अखंडहिंदूराष्ट्र" के निर्माताओं "हिंदूप्रधानमंत्री" जी और "हिंदुमुख्यमंत्री" जी, आपके वरिष्ट यानी आपके तन मन से सटीक अंग RSS प्रमुख पितामहा से देशहीत में देश के जनता की भावनाओंका आदर सन्मान रखते हुए, देश के सबसे अत्यावश्यक 'आस्था की रक्षा' हेतू २७ एप्रिल २०२६ के भितर अती शीघ्रता से सक्त संशोधित "गौ माता हिताय बिल" पेश कर "गौ माता को राष्ट्रीय घोषित" कर राष्ट्रमाता का दर्जा देनेकी गंभीर जरूरत को साजा करें, जो आपसे उम्मीद बांधे बिते १२ वर्षोंसे अधिक समय से मांग देशभक्त भारतीय जनता द्वारा लगातार पेशकी जा रही हैं..!!!
आज भारतीय सनातनी साधूंके खंदे से खंदा मिला भारतीय मुस्लिम भी मांग कर रहा हैं, तो हमारे महान भारत देश में आप मदारी जमुरा का तमाशा खतम करे,,,
आग्रह से विनंती को अंतिम पूर्ण विराम दे, क्योंकी देश में कुछ अमन पसंद, शांती प्रिय भारतीय जनता के भाईचारे का विरोध कुछ नफरती चष्माधारी, खलिस्तानी, अर्बन नक्षली, आतंकवादी पाकिस्तानी, जो सीधा कनेक्शनवाले देशद्रोही फादर लेंड की नाजायज औलाद अंधभक्त पिटगुल्ले, और बेलगाम गोदी मीडिया, सोशल मीडियापर झूठी प्रोपेगेंडा खबरे फैला बहुत हुड्डदुंग मचाये हुए हैं,,,,!
जिससे देश की कूटनीतीक छबी और साख दोनों दावपर टांगे खुल गई जैसी चर्चा तुफानी रफ्तार पकडती दीख महान भारत देश की "देश और दुनिया" में एक नई पहेचान स्थापित कर रही हैं..!
महान भारत की जनता और दुनिया इस दौर को याद जरूर रखेगी..!!
हम देखेंगें..!!!!!
मुख्यसंपादक
भारतीय माहिती अधिकार